रिएक्टिव आर्थराइटिस एक दुर्लभ बिमारी है जो जोडों, मूत्र भूभाग और आँखों मे प्रदाह प्रक्रीया कराती है। यह किसी संक्रमण द्वारा चालू होती है ज्यादातर संभोग द्वारा प्रसारित जीव य़ा आहारनाल के कुछ जीवाणुओ कि वजह से।
रिएक्टिव आर्थराइटिस का सबसे आम कारम है संभोग द्वारा प्रसारित बिमारी क्लामाइडिया। रिएक्टिव आर्थराइटिस आहारनाल के संक्रमण कि वजह से भी हो सकता है जैसे सालमोनैला, शिजैला,कमपाइलोबैक्टर, या यरसीनिया जो कि दस्त और उल्टी भी कर सकते हैं। यह जीवाणु ज्यादातर दूषित पानी और खाने मे रहते हैं। जबकि यह संक्रमण आम रहते है पर रिएक्टिव आर्थराइटिस नही। वैज्ञानिक सोचते है कि जो लोगो को रिएक्टिव आर्थराइटिस होता है उनमे कुछ विशंगति पदार्थ रहता है।
इसी विचार को आधार बनाते हुए रिएक्टिव आर्थराइटिस से ग्रस्त 50 प्रतिशत लोग एच एलए बी 27 जीन रहता है 8% सामान्य जनसंखया कि अपेक्षा।
रिएक्टिव आर्थराइटिस एक स्वप्रतिरक्षित बिमारी है, मतलब शरीर का प्रतिरक्षा तन्त्र अपने ही ऊतको पर हमला करता रहता है।संक्रमण कि वजह से प्रतिरक्षा तन्त्र काम करना चालू कर देता है पर संक्रमण जाने के बाद ङी वह हमला करता रहता है।
रिएक्टिव आर्थराइटिस विशिष्ट रूप से आर्थराइटिस, आंख मे प्रदाह (कनजक्टिवाइटिस और युविआइटिस) और मूत्रमार्ग मे प्रदाह करता है। पर कुछ लोग इनमे से एक या दो ही महसूस करते हैं। रिएक्टिव आर्थराइटिस 20 से 40 उम्र के लोगो में आम है और 0.03 का प्रचलन है।

