मेटास्टैटिक बोन कैंसर की चिकित्सा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 03, 2012
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metastatic bone cancer ki chikitsaकैंसर का ही एक अंश है मेटास्टैंटिक कैंसऱ जो शरीर में एक जगह हुए कैंसर से शरीर के दूसरी जगह फैलता है। जो ट्यूमर मेटास्टैटिक कैंसर सेल्स से बनते हैं उसे मेटास्टैटिक ट्यूमर व मेटास्टेटिस कहते हैं।

जब शरीर के एक भाग से कैंसर दूसरे भाग में फैलता है तो इसे मेटास्टैटिस कहते हैं। मेटास्टैकटिक कैंसर व प्राईमरी कैंसर में सिर्फ इतना ही अंतर होता है कि कैंसर की शुरुआती अवस्था को प्राईमरी कैंसर कहते हैं और उस ट्यूमर से शरीर के किसी अन्य हिस्से में कैंसर होने पर उसे मैटास्टैटिक कैंसर कहते हैं। जैसे स्तन कैंसर से फेफड़ों में कैंसर के सेल्स पहुंच जाते हैं और मेटास्टैटिक ट्यूमर बनाते हैं, यह  मेटास्टैटिक स्तन कैंसर है ना कि फेफड़ों का कैंसर।  

मूल कैंसर व मेटास्टैटिक कैंसर


माइक्रोस्कोप से देखने पर मेटास्टैटिक कैंसर के सेल्स मूल कैंसर के सेल्स की तरह ही दिखते हैं। इसके अलवा मेटास्टैटिक कैंसर की कोशिकाएं और मूल कैंसर की कोशिकाओं के कई विशेषताएं एक जैसी ही होती और इनका काम भी एक जैसा होता है।


ईलाज


कुछ प्रकार के मेटास्टेटिक कैंसर के रोगी सामयिक ईलाज से ठीक हो जाते हैं लेकिन कई मामलों में ऐसा नहीं होता है। फिर भी सभी प्रकार के मेटास्टेटिक कैंसर रोगियों के लिए चिकित्सा मौजूद है। सामान्यत: इन चिकित्सा का प्राथमिक उद्देशय होता है कैंसर की वृद्धि को नियंत्रित करना और इसके लक्षणों का कम करना । कुछ मामलों में मेटास्टेटिक कैंसर ईलाज रोगी का जीवन काल बढ़ा सकता है। मगर फिर भी कैंसर से कई लोग मृत्यु का शिकार हो जाते हैं। आईए जानें मेटास्टेटिक कैंसर के ईलाज के बारे में।

कीमोथेरेपी


मेटास्टेटिक कैंसर के ईलाज के लिए कीमोथेरेपी का प्रयोग करते हैं इसमें रोगी कैंसर के सेल्स को खत्म करने के लिए दवाएं दी जाती हैं। यह दवाएं गोली के रुप में भी हो सकती है या इंजेक्शन के जरिए भी रोगी को दी जा सकती है।


सर्जरी

अगर मेटास्टेटिक ट्यूमर सर्जरी के लायक है तो ऑपरेशन के जरिए ट्यूमर को रोगी के शरीर से बाहर निकाल देते हैं।


बॉयोलॉजिकल थेरेपी


इस थेरेपी के जरिए रोगी के इयून सिस्टम मजबूत होता है और रोगी कैंसर के सेल्स से लड़़ने की शक्ति मिलती है। इस चिकित्सा से रोगी को कैंसर के अन्य ईलाज से होने वाली बीमारियों से भी छुटकारा मिलता है।

टार्गेटेड थेरेपी


इस तरह की चिकित्सा में कैंसर सेल्स को पहचाने और उनको खत्म करने के लिए दवाओं या अन्य पदार्थ जैसे मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज का प्रयोग किया जाता है। अन्य कैंसर चिकित्सा की अपेक्षा इस थेरेपी के दुष्प्रभाव कम होते हैं।

 

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टिप्पणियाँ
  • reeta03 May 2012

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