मांस पेशियों का दर्द

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 24, 2009
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मांसपेशियों का दर्द या ऐंठन आमतौर पर पाई जाने वाली समस्याओं में से एक है। और यह एक से अधिक मांसपेशियों में हो सकता है। मांसपेशियों के दर्द में, ऊतक के लिगामेंट, टेंडोंस, फेशिया, और मांसपेशियों के संपर्क में आनेवाले कोमल ऊतकों और हड्डियों में दर्द हो सकता है।

 

कारण

  • मांसपेशियों के दर्द के पीछे शारीरिक परिश्रम या कठोर श्रम के कारण तनाव, थकान या मांसपेशियों में चोट का कारण हो सकता है। इन कारणों से मात्र कुछ विशेष मांसपेशियों में दर्द होता है, जो काम करते समय या इसके बाद शुरू हो सकता है।
  • मांसपेशियों में दर्द आपके पूरे शरीर की स्थिति का संकेत हो सकता है।
  • इन्फ्लुएंजा, लाइम डिजीज, मलेरिया, मांसपेशी का फोड़ा, पोलियो, गोलकृमि का संक्रमण आदि।
  • कुछ दवाएं, जैसे-एसीई इनहिबिटर्स(रक्त चाप कम करने में उपयोग में आता है), कोकीन, स्टेटिंस(कोलेस्टेरोल कम करने में उपयोग में आता है)।
  • इलेक्ट्रोलाइट का असंतुलन जैसे-पोटाशियम या कैल्शियम की मात्रा बहुत कम होना
  • कनेक्टिव ऊतकों को प्रभावित करने वाले रोग, जैसे-ल्यूपस, डर्मेटोमायोसाय़टिस, फायब्रोमाइल्जिया, पॉलीमायल्जिया रयूमेटिका, पॉलीमायोसायटिस के कारण भी मांसपेशियों में दर्द हो सकता है। फायब्रोमाइल्जिया मांसपेशियों में दर्द का एक सामान्य कारण है। इसके कारण आपकी मांसपेशियों औऱ आस-पास के कोमल ऊतकों में खिंचाव सा महसूस हो सकता है, सोने में परेशानी, थकान और सिरदर्द भी हो सकता है।

जांच और रोग की पहचान

 

डॉक्टर मांसपेशियों के दर्द के आस-पास होने वाली बातों की क्रमिक जानकारी (जैसे-व्यायाम के बाद दर्द का होना, नई व्यावसायिक गतिविधियां, नई दवा शुरू करने के बाद दर्द शुरू होना, या दर्द किसी खास तरह से जगह पर होता है या सामान्य है) लेगें। अगर मांसपेशियों में कमजोरी या बीमारी का पता लगाने के लिए शारीरिक परीक्षण आवश्यक है। जांच से मांसपेशियों के दर्द की पुष्टि नहीं होती, लेकिन खून की जांच और यूरीन की जांच से दर्द के कारण का पता करने में सहायता मिलती है।

  • यूरीन की जांचः कुछ परिस्थितियों या बीमारियों में यूरीन में असामान्यता देखी जाती है,(जैसे-रैब्डोमायोलाइसिस के कारण यूरीन में मायोग्लोबिन्यूरिया का होना, जिससे चाय के रंग का यूरीन पास होता है)
  • खून की जांचः इससे इलेक्ट्रोलाइट, ब्लड यूरीया, क्रियेटिनाइन, ग्लूकोज, क्रियेटाइन काइनेज, एल्डोलेज, यूरीनेलिसिस, मायोग्लोबिन, थायरॉयड कार्यप्रक्रिया की जांच, ईएसआर और सीबीसी के स्तरों की जांच की जा सकती है।
  • इलेक्ट्रोमायोग्राफीः इससे मायोपैथी की पहचान करने में सहायता मिलती है।
  • इमेजिंग स्टडीज-सस्पेक्टेड फोकल मसल पैथोलजी में मैग्नेटिक रिजोनेंस इमेजिंग या एमआरआई की आवश्यकता हो सकती है।
  • मसल बायोप्सीः इससे मायोपैथी, मस्कुलर डिस्ट्रोफीज, या मेटाबोलिक मायोपैथी की पहचान में सहायता मिल सकती है।

मांसपेशियों के दर्द का उपचारः आर.आई.सी.ई.

  • मांसपेशियों के दर्द, सूजन, जलन आदि में बिना दवा के इलाज का तरीका आर.आई.सी.ई. कहलाता है। यह पद्धति क्षति को कम करने और रोग ठीक होने में तेजी लाने में सहायक है।
  • आर-आराम या रेस्ट-जिस काम से दर्द होता है, वह काम बंद करें। अगर कहीं मोच या खिंचाव हो, तो प्रभावित अंग पर जोर मत डालें। फोड़ा या कष्ट ना ठीक होने की स्थिति में प्रभावित मांसपेशियों को कुछ दिनों तक आराम दें।
  • आई-आइस/बर्फः मांसपेशियों में जलन या आगे औऱ क्षति रोकने के लिए बर्फ से सेंकना लाभप्रद हो सकता है। बर्फ को तौलिए में लपेटकर 20 मिनट तक प्रभावित क्षेत्र को सेकें। अत्यधिक दर्द की स्थिति में गर्म सेंक से बचना चाहिए, क्योंकि इससे सूजन, चोट का निशान, आंतरिक रक्त स्राव आदि बढ सकते हैं। प्रारंभिक कुछ दिनों के बाद चोट ठीक होने की गति बढाने और मांसपेशियों को आराम पहुंचाने के लिए गर्म सेंक देना आवश्यक है।
  • सी-कंप्रेस/दबाव-चोट वाले हाथ या पांव को एलास्टिक बैंडेज से लपेटकर या किसी अन्य तरीके से दबाकर रखने से दर्द औऱ सूजन घटता है।
  • ई-इलेवेट-चोट लगे भाग को हृदय की ऊंचाई से ऊपर उठाकर रखें, इससे सूजन और दर्द घटता है।

 

दवाएं

  • मांसपेशियों के दर्द और कड़ापन के लिए आमतौर पर सामान्य दर्दनिवारक जैसे-एसिटामिनोफेन, नॉन-स्टेरॉइडल एंटीइंफ्लेमेटरी दवाएं(जैसे-आइब्यूप्रोफेन, डिक्लोफिनेक, नेप्रोक्सेन) ...
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टिप्पणियाँ
  • bobby bhalla04 Jan 2012

    meri age 43 hai.mujhe 2mahino se ghutne mein dard hai ek hi ghutne mein.mein gir gaye thee. maine 10 din pehle knee x-ray karaye ,lekin voh report thik aaye hai.uric acid bhi normal hai.xray report mein halka sa black hai dr. kehte hai calcium ki kami hai. maine shellcal or vitamin b ki medicine le rahi hoon lakin mujhe abhi bhi ghutne mein dard hota or feet mein sujan hai.please help me. thanks

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