मलेरिया के रूप

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 05, 2011
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Malaria Feverबदलते परिवेश में नई-नई बीमारियां जन्मम ले रही है। कुछ बीमारियां ऐसी होती है जिनके कई-कई रूप होते है। ऐसे में उनकी पहचान करना कई बार काफी मुश्किल हो जाता है। मलेरिया बुखार एक ऐसा वायरस है जिसके कई रूप है। मलेरिया परजीवी अलग-अलग रूपों में शरीर पर अलग-अलग प्रभाव डालते है। जिनको कई जांचों के बाद पहचाना जाता है कि मलेरिया का प्रकार क्याे है। शरीर पर काटने वाला मलेरिया परजीवी किस कैटेगिरी का है। आइए जानें मलेरिया कितने रूपों में फैलता है। 

मलेरिया के परजीवी को सिर्फ सूक्ष्मिदर्शी (माइक्रोस्कोप) से ही देखा जा सकता है। अगर आपको मलेरिया है तो आपकी रक्त की एक बूँद में ही सैकड़ों परजीवियों को देखा जा सकता है। मलेरिया पूरी दुनिया में फैला हुआ है। प्रतिवर्ष भारी संख्या् में लोग मलेरिया से पीडि़त होते हैं और आंकड़ों के मुताबिक दुनिया में लगभग 12 लाख लोग प्रतिवर्ष मलेरिया से मरते हैं। हालांकि यह भी उम्मीोद की जा रही है कि आने वाले सालों में मलेरिया का जड़ से सफाया किया जा सकेगा।

मलेरिया परजीवियों की मुख्य़तः चार प्रजातियां हैं।
प्लाज्मोडियम वैवाक्स, प्लाज्मोडियम ओवेल, प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम, प्लाज्मोडियम मलेरिऐ


प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम
गंभीर मलेरिया विशेष रूप से पी'' फाल्सीपेरम के कारण होता है और आमतौर पर संक्रमण के बाद 6-14 दिन रहता है। इस प्रजाति से मलेरिया फैलने के बाद पीडि़त या तो कोमा में जा सकता है या फिर कुछ घंटों/दिनों के भीतर उसकी मृत्युइ हो जाती है। सबसे अधिक मलेरिया भी इसी परजीवी के माध्य म से फैलता है।


प्लाज्मोडियम वैवाक्स
मलेरिया परजीवी की ये प्रजाति सामान्य रूप से अधिक होती है । ये मच्छरों द्वारा काटने पर हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं। मच्छरों की ये प्रजाति भीड़भाड़ वाले इलाकों, गन्दे नालों, अंधेरी जगहों में अधिक पनपते है। मादा एनोफिलिस मच्छर अंधेरा होने पर काटते है। शरीर में ये प्रजाति दो रूपों से मलेरिया फैलाने में सक्षम होता है एक तो लीवर में और दूसरा रक्तड कणों के माध्यपम से। दोनों ही अवस्थाकओं में लीवर और रक्तै कण प्रभावी होते हैं जिससे मलेरिया लगतार बढ़ता रहता है।


प्लाज्मोडियम ओवेल और प्लाज्मोडियम मलेरिऐ
ये मलेरिया के पुराने परजीवी हैं। लेकिन ये मनुष्यक के लिए बहुत ज्याददा घातक नहीं है। ये सिर्फ मामूली मलेरिया ही फैलाते हैं इनसे मौत का खतरा नहीं रहता। इसके अतिरिक्ते मलेरिया की एक और प्रजाति है जो मलेरिया फैलाने में अपनी भूमिका अदा करता है वह है प्लाज्मोडियम नोलेसी।


मलेरिया के ये सभी रूप ''प्लाज्मोडियम'' प्रजाति के इस समूह में आम तौर पर मलेरिया परजीवी के नाम से जाने जाते हैं जो लोगों में मलेरिया फैलाने में अपनी अहम भूमिका अदा करते हैं ।

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