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हो सकता है आप बहुत ही अच्छे कार्यकर्ता हों या आपकी रूचि लम्बे समय तक बैठकर करने वाले कामों में हो और शायद अतिरिक्त यात्रा आपका शौक या आपकी नौकरी का भाग हो।
ऐसे में घर पर या आफिस में हर जगह आपसे एक अच्छे कार्यकर्ता या फिट कार्यकर्ता जैसी आशा की जाती है। इस उम्र में अगर आपको ऐसे दर्द का सामना करना पड़े जो सामान्यत: बाईक चलाने के दौरान, अधिक समय तक बैठने पर, पैरों पर अतिरिक्त दबाव पड़ने के दौरान या सेक्स के दौरान बढ़ जाये तो आप अपना कोई भी काम ठीक प्रकार से नहीं कर पायेंगे।
आज आये दिन युवाओं में अधिक बैठने या बाइक चलाने से काक्सीडीनिया नामक समस्या हो सकती है। अधिक काम करने पर होने वाले इस दर्द को सामान्यत: लोग इसलिए भी नज़रअंदाज़ कर देते हैं क्योंकि वो इसे थकान का कारण मान बैठते हैं। अगर समय रहते काक्सीडीनिया की चिकित्सा नहीं की गयी तो यह दर्द आपको आजीवन सता सकता है। इसमें होने वाला दर्द सायटिका के दर्द जैसा तीव्र होता है ।
गंगाराम अस्पताल के सीनियर आर्थोपेडिक सर्जन डाक्टर ओ,एन नागी के अनुसार काकिक्स या टेलबोल तिकोने आकार की होती है और यह रीढ़ की हड्डी के निचली भाग में पायी जाती है।
काक्सीडीनिया के कारण :
• किसी प्रकार से तेज़ चोट लगना
• किसी प्रकार की सर्जरी
• खेल के दौरान चोट लगना
• अधिक समय तक बैठना
• व्या याम की कमी
• काकिक्स हड्डी पर दबाव पड़ना
डाक्टर नागी के अनुसार आज यह समस्या जीवनशैली की समस्या बन गयी है और इसका कारण है अधिक समय तक बैठना और व्यायाम की कमी है। लम्बे समय तक बैठने के कारण टेलबोन के स्थान पर दबाव पड़ता है जिससे कि टेलबोन के आसपास सूजन आ जाती है और फिर यह दर्द बढ़ता ही जाता है।
हाल में हुए शोधों से ऐसा पता चला है कि यह समस्या पुरूषों की तुलना में महिलाओं में कहीं ज्यादा पायी गयी है और इसका कारण है महिलाओं में पेल्विक बोन की संरचना का पुरूषों से अलग होना। ऐसे काम जिनसे काकिक्स हड्डी पर दबाव ज्यादा पड़ता है जैसे साइकिल चलाना, घुड़सवारी आदि।
इंश्योरैंस कम्पनी की एडवाइज़र भावना को पूरा दिन यात्रा करनी पड़ती है। ऐसे में कभी–कभी उन्हें काम के सिलसिले में बस में तो कभी अपनी स्कूटी पर भी यात्रा करनी पड़ती है। उन्हें इस नौकरी में अभी 6 महीने ही हुए हैं और कुछ दिनों से वो ऐसे ही तीव्र प्रकार के दर्द से परेशान रहती हैं। हालांकि भावना की समस्या अभी नई है इसलिए चिकित्सक ने उन्हें व्यातयाम की सलाह दी है और सावधानी बरतने को कहा है। लेकिन ऐसे भी बहुत से लोग हैं जो इन समस्याओं को नज़रअंदाज़ करते हैं।
चिकित्सा के तरीके :
• सबसे आवश्यक बात कि लगातार एक ही स्थिति में ना बैठें। लम्बे समय तक बैठना हो तो कुशन का प्रयोग करें।
• कुशन ऐसा होना चाहिए जिसके मध्य भाग में एक सुराख होन जिससे आपकी टेलबोन कुर्सी के समतल भाग के सम्पर्क में ना आये।
• ऐसे आहार लें जिनमें फाइबर की मात्रा अधिक हो और अपच से बचें।
• चिकित्सा के लिए और सूजन कम करने के लिए एण्टी इन्फ्लेमेटरी ड्रग्स का सेवन किया जा सकता है।
• गर्म मसाज या अल्ट्रा सालिक मसाज भी बहुत लाभदायी सिद्ध हो सकती हैं।
• गंभीर स्थितियों में सर्जरी की भी आवश्यकता पड़ सकती है।
काक्सीडीनिया जैसी बीमारी का परिचय और इलाज अगर समय रहते किया जाये तो आप इससे आसानी से निबट सकते हैं ।
छाया: City Plus

