बच्‍चों के कार्यकलाप

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 01, 2013
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बचपन की तुलना में 5 से 12 साल के बच्चों का भौतिक विकास दर थोडा धीमा हो जाता है । लेकिन इस उम्र में संज्ञानात्मक, भावनात्मक और सामाजिक विकास की दर अविश्वसनीय होती है। जिन क्रिया-कलापों का बड़े बच्चे आनंद लेते हैं वे इस प्रकार है:

  • संग्रह
  • खेल और व्यायाम
  • संगीत बजाना

 

संग्रह

 

आपके बच्चों  के संग्रह जैसे गोले, स्टिकर, चमकीले पत्थर इत्यादि भले हीं आपको ये फालतू का ढेर लगे, लेकिन इन्हीं चीजों की वजह से आपका बच्चा जीवन के लिए उपयोगी कौशल सीखता है। 5 साल की उम्र तक पहुँचते–पहुँचते बच्चों को कोई खास चीज संग्रह करने में रुचि होने लगती है और उनका किसी खास चीज से लगाव हो जाता है। इन चीजों से अपके बच्‍चे में निम्न खूबियों की समझ आती है एवं उनका विकास होता है।

  • व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदारी उठाना।
  • मिल-जुलकर काम करने की आदत।
  • गणितीय गुणों में आगे बढ़ना, अगर वे क्रिकेट कार्ड या चट्टान इकट्ठा करते हों तो ये सुनिश्चित करें कि उन्हें अपने संग्रह में हो रही चीजों का सही संख्या पता हो।
  • वर्गीकरण: आपका बच्चा निश्चित रूप से संग्रह करने में काफी समय देगा, और वह भी अलग-अलग आकार  और विभिन्न श्रेणियों के समूह संग्रह में। ऐसा करने से उसके भीतर गिनती करने का, जोड़-घटाव करने का और छटाई करने की प्रतिभा का विकास होगा।
  • पढ़ने की कला: आपके बच्चे ने जिन चीजों का संग्रह किया है उनके विषय में और ज्यादा जानने के लिए वह किताबें पढना चाहेगा। ऐसे में उसे पढने के लिए प्रोत्साहित करें और उसे पुस्तकालय या संग्रहालय ले जाएं ।
  • उसे अपने दोस्तों के साथ कुछ लेन-देन करने दें। जब वह कुछ आदान-प्रदान  करेगा तो वह काफी सामाजिक बातें सीखेगा और इससे उसकी दोस्ती भी बढ़ेगी।
  • आत्मविश्वास और आत्म सम्मान: अपने संग्रह किये गए सामान पर आपका बच्चा गर्व करेगा जिससे उसका आत्मविश्वास और आत्म सम्मान बढे़गा  ।
  • बजट कुशलता : अगर अपने संग्रह किये गए सामान के लिए वह कुछ पैसों का भुगतान करता है तो इससे उसका बजट कौशल बढे़गा।

 

खेल और व्यायाम

 

जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते जाते हैं उनके मस्तिष्क के मोटर की क्षमता उन्हें ज्यादा से ज्यादा शारीरिक गतिविधियों में लगे रहने को प्रेरित करते  हैं। वे विभिन्न शारीरिक गतिविधियों में रुचि ले सकते हैं और भविष्य में इन्हीं गतिविधियों की वजह से वे क्या करेंगे इसकी आज ही बुनियाद पड़ जाती है।

  • ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा दें जो उनका भौतिक, शारीरिक एवं मानसिक विकास करता हो। टी वी देखने  की समय सीमा निर्धारित करें।
  • अपने बच्चे को मैदान में खेलने के लिए प्रोत्साहित करें।
  • अगर वे टीम स्पोर्टस ज्वाइन करतें हैं तो इससे उनका शारीरिक विकास होगा।
  • अपने परिवार के साथ बाहर घूमने-फिरने जाएं, दौड़ने या सैर सपाटा करने जाएं  ।
  • गर्मियों के मौसम में उन्हें तैराकी सीखने के लिए भेजें।
  • अपने बच्चों और उसके दोस्तों से चैलेन्ज लगायें, जैसे उनसे कहें कि कौन सबसे ज्यादा समय तक रस्सी कूद सकता है, कौन एक पैर पर लम्बे समय तक खड़ा रह सकता है, कौन सबसे ज्यादा देर तक चिल्ला सकता है, कौन एक साँस में कितने शब्द बोल सकता है वगैरह -वगैरह।

बच्चे को अपने दोस्तों और माता-पिता से प्रतिस्पर्धा करने में बहुत मजा आता है और अगर वे किसी को हरा दे तो उन्हें बहुत ख़ुशी होती है और उनका आत्म-विश्वास बढ़ता है। इसलिए जानबूझकर भी हारा करें।

  • बच्चे उस तरह की शारीरिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए तत्पर रहते हैं, जहाँ उनके दोस्त या माता पिता भी जाते हों तथा जहाँ खेल कूद सिखलाने वाला कोच हंसी मजाक करने वाला हो ।
  • बच्चे अपने माता-पिता की रुचि से बहुत ज्यदा प्रभावित होते हैं और उन्हें जो करता देखते हैं वे भी वही करते हैं। इसलिए आप उनको जिस गतिविधि में शामिल करना चाहते हैं, आप खुद भी उसे करें।

 

संगीत

 

संगीत हर किसी को प्रिय लगता है भले हीं सबकी पसंद अलग-अलग हो। अगर आपको संगीत पसंद है तो यह आपके तन मन को तरो ताजा़ रखता है और मन में जोश भर देता है। संगीत सुनते वक़्त आप अपने दुःख काफी हद तक भूल जाते हैं। क्या आप ऐसा बच्चा नहीं चाहते जो संगीत से प्यार करे, उसे पसंद करे। इसलिए अपने बच्चे के आस-पास के माहौल को संगीतमय बनाएं एवं उसकी पसंद का संगीत बजाएं। इससे वह बहुत खुश रहेगा और हर काम जो...

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