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हर्पीस से सम्बंधित संक्रमण के अलावा फेलोन का उपचार छोटी सी शल्यचिकित्सा के द्वारा होता है जो की निष्कासन करा देती है ।प्राय आपका डॉक्टर पूरी ऊँगली को सुन्न कर देगा एक असम्वेदक को दाल के आपकी ऊँगली कि हर एक तरफ आपके हाथ के टखने के बाद ।तब आपकी ऊँगली की नोक पर वो एक या ज्यादा छोटे चीरे लगायेगा ताकि माबाद को निष्कासित किया जा सके ।एक संकरी कपडे की पट्टी घाव में छोड़ दी जा सकती है ताकि उसके लगातार निष्कासन के लिए उसे खुला छोड़ा जा सके ।जाली को हर एक से दो दिन में बदला जाना चाहिए क्योंकि वो जीवनों और घाव के नादर के कचड़े को सोख लेता है ।एक डॉक्टर प्राय एंटीबायोटिक लिख देगा जो की स्टेफ जीवाणु संक्रमण के खिलाफ काम करते हैं जैसे दिक्लोक्ससिलिन (देसिल, दय्नापें , पेथोसिल) या सिफलेक्सिं (बयोसेफ़, केफ्लेक्स, केफ्तेब) ।अन्य एंटीबायोटिक उपलब्ध है अगर संक्रमण तुरंत साफ़ नहीं हुआ है या माबाद की जांच यह दिखाती है की संक्रमण एक असामान्य जीव के कारण हुआ है या उसके कारण जो की सामान्य एंटीबायोटिक के प्रति प्रतिरोधक है ।गंभीर दशा में एक बहुत लंबा आरेष्ण करना पड़ सकता है जिसमे की नाखून के नादर एक छोटा छेड़ बनाना पड़ सकता है ताकि अतिरिक्त निष्कासन हो सके ।अगर संक्रमण हर्पीस की वजह से हुआ हो तो निष्कासन नहीं किया जाता है क्योंकि वह सुधार में देरी कर देगा या जीवाणु के संक्रमण का जोखिम बढ़ा देगा ।ऊँगली में हर्पीस का संक्रमण अपने आप ही सही हो जाता है हालाँकि विशानुविरोधी दवा (जोविरेक्स) प्राय लिखी जाती है ।
अगर आपको यह है या कोई अन्य त्वचा या घाव का संक्रमण तो यह पक्का कर ले की आप अपने टिटनस के टीको को उच्च पर करके रखा है ।

