फेफड़े का एडेनोकार्सिनोमा का पूर्वानुमान

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 13, 2013
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फेफड़े का एडेनोकार्सिनोमा की चिकित्‍सा अगर शुरूआती स्‍टेज पर कर लिया जाए तो यह ठीक हो सकता है। परन्‍तु देर करने पर वह मरीज के 

दूसरे अंगों तक फैलने लगता है। इसलिए इसका पूर्वानुमान होना बहुत जरूरी होता है। 

फेफड़ों के एडेनोकार्सिनोमा, फेफड़ों के कैंसर का एक प्रकार है। यह तब होता है जब असामान्य फेफड़ों की कोशिकाएं नियंत्रण से बाहर कई गुणा हो 

जाती है और एक ट्यूमर का निर्माण करती हैं। यह ट्यूमर कोशिकाएं शरीर के अन्य भागों में फैल सकती है जैसे- फेफड़ों के चारों ओर या बीच 

में लिम्फ नोड्स, दिल, हड्डियों, अधिवृक्क ग्रंथियों और मस्तिष्क में। 
 
फेफड़े का एडेनोकार्सिनोमा आमतौर पर ऊतकों से शुरू होकर फेफड़ों के बाहरी हिस्सों के पास एक लंबे समय के लिए उपस्थित रहता है जब तक 

कि उसके लक्षणों का पता और निदान नही हो जाता। 

किसी भी प्रकार की सकारात्मक संभावना कैंसर के स्टेज तथा रोगी के समस्‍त स्वास्‍थ्‍य परिस्थितियों पर निर्भर करती है। इस रोग का परिणाम 

बहुत ही निराशाजनक होता है, अगर फेफड़े का कैंसर चेस्ट वाल के वाह्य क्षेत्रों में फैल जाता है या मीडियास्टिनम की लिंफ नोड्स को अपने चपेट 

में ले लेता है।

फेफड़े के एडेनोकार्सिनोमा सहित सभी फेफड़ों के कैंसर के लक्षण एक जैसे होते हैं। लेकिन इसका पूर्वानुमान इन लक्षणों को देखकर लगाया जा 

सकता है -

खांसी - फेफड़े के एडेनोकार्सिनोमा की शुरूआत खांसी से ही होती हैं और अगर आपको खांसी है जो लगातार कई दिनों तक हो रही है। खांसी के 

साथ आपको खून और बलगम भी आ रहा हैं। तो आप इसका पूर्वानुमान लगा सकते हैं।    

भूख का बढ़ना- अगर आपको भूख इतनी ज्‍यादा लगती है कि खाने के बाद भी आपको ऐसा लगता है कि आपने कुछ नही खाया है। और साथ 

ही इतना खाने के बाद भी आपका वजन भी दिन प्रतिदिन कम हो रहा है तो इसका पूर्वानुमान लगाया जा सकता हैं।  

सांस की तकलीफ - सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, निगलने में असुविधा या आवाज बैठ रही है। इस प्रकार के कोई भी लक्षण दिखे तो 

इसका अनुमान लगाया जा सकता है।


यदि कैंसर फेफड़ों से बाहर फैल गया है तो यह अन्य लक्षण पैदा कर सकता है। उदाहरण के लिए, आपकी हड्डी में दर्द हो सकता है अगर यह 

हड्डियों में फैल गया है।

इन सब लक्षणों के दिखने पर आप इसका पूर्वानुमान लगा कर तुरन्‍त अपने डाक्‍टर से संपर्क कर सकते हैं। 

 

 

फेफड़े के एडेनोकार्सिनोमा की संभावित अवधि
फेफड़े के एडेनोकार्सिनोमा, फेफड़ें के कैंसर में टिश्‍युज की असामान्य वृद्धि होती है, जो सबसे अधिक ब्रांकाई में शुरू होती है, और पूरे फेफड़े के 

ऊतकों में फैलती है। फेफड़े का एडेनोकार्सिनोमा एक बार हो जाने के बाद तब तक फैलता रहता है जब तक कि इसका उपचार नहीं किया जाता। 

इस कैंसर का उपचार केवल तभी संभव है जब शल्य चिकित्सा अथवा रेडिएशन थेरेपी से ट्यूमर को पूरी तरह से निष्कासित कर दिया गया हो। 

पर फेफड़े के कैंसर की जानकारी तब होती है जब वह उस अवस्था में पहुंच चुका होता है जहां उसका उपचार संभव नहीं हो सकता है। 

एडेनोकार्सिनोमा से पीड़ित लोगों में से लगभग 17 प्रतिशत लोग रोग की जानकारी होने के उपरान्त 5 वर्षों से अधिक समय तक जीवित रहते हैं।

फेफड़े का एडेनोकार्सिनोमा की चिकित्‍सा अगर शुरूआती स्‍टेज पर कर लिया जाए तो यह ठीक हो सकता है। परन्‍तु देर करने पर वह मरीज के दूसरे अंगों तक फैलने लगता है। इसलिए इसका पूर्वानुमान होना बहुत जरूरी होता है। 

 

adenocarcinoma of the lung ka porvanumaanफेफड़ों के एडेनोकार्सिनोमा, फेफड़ों के कैंसर का एक प्रकार है। यह तब होता है जब असामान्य फेफड़ों की कोशिकाएं नियंत्रण से बाहर कई गुणा हो जाती है और एक ट्यूमर का निर्माण करती हैं। यह ट्यूमर कोशिकाएं शरीर के अन्य भागों में फैल सकती है जैसे- फेफड़ों के चारों ओर या बीच में लिम्फ नोड्स, दिल, हड्डियों, अधिवृक्क ग्रंथियों और मस्तिष्क में। 

 

फेफड़े का एडेनोकार्सिनोमा आमतौर पर ऊतकों से शुरू होकर फेफड़ों के बाहरी हिस्सों के पास एक लंबे समय के लिए उपस्थित रहता है जब तक कि उसके लक्षणों का पता और निदान नही हो जाता। 

 

किसी भी प्रकार की सकारात्मक संभावना कैंसर के स्टेज तथा रोगी के समस्‍त स्वास्‍थ्‍य परिस्थितियों पर निर्भर करती है। इस रोग का परिणाम बहुत ही निराशाजनक होता है, अगर फेफड़े का कैंसर चेस्ट वाल के वाह्य क्षेत्रों में फैल जाता है या मीडियास्टिनम की लिंफ नोड्स को अपने चपेट में ले लेता है।

 

फेफड़े के एडेनोकार्सिनोमा सहित सभी फेफड़ों के कैंसर के लक्षण एक जैसे होते हैं। लेकिन इसका पूर्वानुमान इन लक्षणों को देखकर लगाया जा सकता है -

 

खांसी

फेफड़े के एडेनोकार्सिनोमा की शुरूआत खांसी से ही होती हैं और अगर आपको खांसी है जो लगातार कई दिनों तक हो रही है। खांसी के साथ आपको खून और बलगम भी आ रहा हैं। तो आप इसका पूर्वानुमान लगा सकते हैं।    

 

भूख का बढ़ना

अगर आपको भूख इतनी ज्‍यादा लगती है कि खाने के बाद भी आपको ऐसा लगता है कि आपने कुछ नही खाया है। और साथ ही इतना खाने के बाद भी आपका वजन भी दिन प्रतिदिन कम हो रहा है तो इसका पूर्वानुमान लगाया जा सकता हैं।  

 

सांस की तकलीफ 

सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, निगलने में असुविधा या आवाज बैठ रही है। इस प्रकार के कोई भी लक्षण दिखे तो इसका अनुमान लगाया जा सकता है।


यदि कैंसर फेफड़ों से बाहर फैल गया है तो यह अन्य लक्षण पैदा कर सकता है। उदाहरण के लिए, आपकी हड्डी में दर्द हो सकता है अगर यह हड्डियों में फैल गया है।


इन सब लक्षणों के दिखने पर आप इसका पूर्वानुमान लगा कर तुरन्‍त अपने डाक्‍टर से संपर्क कर सकते हैं। 

 

 

फेफड़े के एडेनोकार्सिनोमा की संभावित अवधि

फेफड़े के एडेनोकार्सिनोमा, फेफड़ें के कैंसर में टिश्‍युज की असामान्य वृद्धि होती है, जो सबसे अधिक ब्रांकाई में शुरू होती है, और पूरे फेफड़े के ऊतकों में फैलती है। फेफड़े का एडेनोकार्सिनोमा एक बार हो जाने के बाद तब तक फैलता रहता है जब तक कि इसका उपचार नहीं किया जाता। 

 

इस कैंसर का उपचार केवल तभी संभव है जब शल्य चिकित्सा अथवा रेडिएशन थेरेपी से ट्यूमर को पूरी तरह से निष्कासित कर दिया गया हो। पर फेफड़े के कैंसर की जानकारी तब होती है जब वह उस अवस्था में पहुंच चुका होता है जहां उसका उपचार संभव नहीं हो सकता है। एडेनोकार्सिनोमा से पीड़ित लोगों में से लगभग 17 प्रतिशत लोग रोग की जानकारी होने के उपरान्त 5 वर्षों से अधिक समय तक जीवित रहते हैं।

 


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