प्यार में डूबता है दिमाग

By  ,  दैनिक जागरण
Dec 11, 2012
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Couple in beach क्या प्यार में आप किसी को अपना दिल दे चुके हैं? अगर हां, तो एक बात और गौर कीजिए। वैज्ञानिकों के मुताबिक प्यार में इंसान दिल ही नहीं, दिमाग भी दे बैठता है।

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सायराक्यूज यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक प्यार में दिल की तरह दिमाग भी अहम भूमिका निभाता है। शोधकर्ताओं ने पूर्व में प्यार को समझने के लिए मस्तिष्क पर हुए शोधों का भी विश्लेषण किया। उन्होंने पाया कि किसी को चाहने के दौरान दिमाग के 12 क्षेत्र एक साथ काम करते हैं।

[इसे भी पढ़े- प्यार में पड़ने से पहले]

प्रमुख शोधकर्ता स्टेपहेनी आर्टीग्यू के मुताबिक किसी के प्यार में पड़ने में एक सेंकेंड का पांचवा हिस्सा लगता है। शोधकर्ताओं ने पाया जब कोई व्यक्ति किसी के प्यार में पड़ता है, तो मस्तिष्क के विभिन्न हिस्से कई रसायन जैसे ऑक्सीटोसिन (इन्हें 'लव हार्मोन' भी कहते हैं), एडरनालीन और वासोप्रैसिंग स्रावित करते हैं, जो आक्रामकता का कारण होते हैं। अन्य शोधों के मुताबिक रक्त में नर्व ग्रोथ फैक्टर नामक प्रोटीन मस्तिष्क की कोशिकाओं के रखरखाव और अस्तित्व के लिए जिम्मेदार होता है।

[इसे भी पढ़े- प्यार के इजहार के रोमांटिक तरीके]

 

आर्टीग्यू के मुताबिक शोध के परिणाम प्यार के वैज्ञानिक आधार की पुष्टि करते हैं। प्यार के अलग-अलग रूपों के लिए दिमाग के अलग-अलग हिस्से सक्रिय होते हैं। यह शोध जर्नल ऑफ सेक्सुअल मेडिसीन में प्रकाशित हुआ है।


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