न्‍यूट्रिशनल थेरेपी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 24, 2009
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रस(ज्यूस)चिकित्सा ये  मानता है कि ताजा रस का उपयोग करने से कई रोग दूर हो जाते है एवं शरीर का स्वास्थ्य अच्छा होता है। ताजा फलों एवं सब्जियों के रसों का सेवन करने से शरीर के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय परिवर्तन होता है एवं कई बीमारियाँ दूर हो जाती हैं जिसकी वजह से कई रोगों के इलाज एवं उनसे बचाव के लिए सदियों से नेचरोपैथ के द्वारा रस चिकित्सा का प्रयोग होता रहा है। हाल के समय में ताजा फलों एवं सब्जियों के रसों के रासायनिक गुणों एवं उनके पोषण के गुणों को काफी मान्यता एवं महत्व  मिला है। ताजा फलों एवं सब्जियों के रस में सिंथेटिक गोलियों से बेहतर शरीर को विटामिन, खनिज और एंजाइम देने की क्षमता होती है जिनका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं होता। रसों में मौजूद पोषक तत्व बहुत  हीं जल्द आपके खून में अवशोषित हो  जाते हैं और कुछ हीं मिनटों में आपके शरीर की कोशिकाओं का पोषण करने लगते हैं। अगर आप ताजा फल या सब्जियां खाते हैं तो भी वे उनके रसों जितना फायदा नहीं पहुंचाते क्योंकि जब आप फल, सब्जियां खाते हैं तब उन्हें आपके खून में अवशोषित होने के लिए कई क्रियाओं से ( मसलन पाचन तंत्र इत्यादि) गुजरना पड़ता है।   और उनके पोषक तत्व आपके खून में तभी अवशोषित हो सकते हैं जब आपका पाचन तंत्र सुदृढ़ हो और ऐसा होने में कई घंटे लग सकते हैं। जबकि रसों के पोषक तत्व तेजी के साथ और अच्छी तरह आपके रक्त प्रवाह में अवशोषित हो जाते हैं। इतना  हीं नहीं, रस चिकित्सा में काफी अच्छे स्तर के पोषण तत्व मिलते हैं।  ताजा फलों एवं सब्जियों के रस उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा, हृदय और गुर्दे की बीमारियों में काफी लाभकारी होते हैं। इनके अलावा रस चिकित्सा त्वचा रोग, दमा, बुखार, दस्त, कब्ज, पाचन क्रिया में खराबी , पीलिया इत्यादि के इलाज में भी काफी उपयोगी है। अगर आपको

 

स्वास्थ्य सम्बन्धी कोई समस्या है और आप रस चिकित्सा से उसका निवारण करना चाहते है तो इस सम्बन्ध में किसी योग्य चिकित्सक की सलाह लें।

 

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