धूम्रपान व तंबाकू करता है हड्डियां कमजोर

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 26, 2012
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हड्डियों पर आपके अच्छा खानपान ना लेने का बहुत बुरा असर पड़ता है। आजकल की जीवनशैली में असंतुलित खान-पान के साथ ही युवा वर्ग एल्कोहल और नशीले पदार्थों के साथ ही धूम्रपान और तंबाकू का सेवन करने लगा है। ऐसे में जाहिर सी बात है वे गंभीर बीमारियों का भी शिकार होंगे। क्या आप जानते हैं धूम्रपान व तंबाकू से हड्डिया कमजोर होती हैं।

Dhoomrapan or tobacco karta hai haddiyan kamjorइतना ही नहीं धूम्रपान और तंबाकू से बोन कैंसर का संबंध बहुत गहरा है। आप सोच रहे होंगे कि आखिर तंबाकू और धूम्रपान के सेवन से हड्डियां कैसे कमजोर कैसे हो सकती हैं। क्या हड्डियां कमजोर होने का नशीले पदार्थ हैं। तो आइए जानें क्या वाकई धूम्रपान व तंबाकू करता है हड्डिया कमजोर।

 

[इसे भी पढ़ें : हृदय को धूम्रपान से खतरा]

 

धूम्रपान व तंबाकू करता है हड्डियां कमजोर

  • निकोटीन सिर्फ आपके स्‍वास्‍थ्‍य और फेफड़ों के लिए ही नुकसानदायक नहीं है बल्कि हाल ही में आए एक शोध के अनुसार आपकी हड्डियों, मसल्स और जोड़ों को निकोटिन से कई तरह के नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं।
  • निकोटीन से फ्रैक्चर का खतरा अधिक बढ़ जाता है। शरीर में मौजूद एस्‍ट्रोजन हार्मोंस में कमी आ जाती है जो सेक्‍स समस्‍या का कारण है और एस्‍ट्रोजन हार्मोंस सेक्स के दौरान बहुत सक्रिय हो जाता है।
  • निकोटिन से कई तरह के महत्वपूर्ण तत्व जैसे विटामिन सी और ई की कमी शरीर में होने लगती है। इसके अलावा निकोटिन का सेवन करने वाले लोगों को नितंब में फ्रैक्चर होने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है।
  • निकोटिन का अधिक सेवन करने वाले लोगों को बैक पेन यानी पीठ दर्द की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है।
  • खांसी होना और स्याटिका जैसी समस्या निकोटिन का सेवन करने वाले लोगों के लिए बहुत आम है।
  • स्लिप डिस्क होना, ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या होना, कमर दर्द, कोई घाव भरने में समय लगना सभी परेशानियां निकोटिन के सेवन से हो सकती है। इसके साथ ही निकोटिन का अधिक सेवन आपकी मांसपेशियों को भी कमजोर बनाता है।
  • जो महिलाएं निकोटिन का सेवन करती हैं उनको सबसे अधिक रीढ़ की हड्डी की समस्या रहती हैं।

 

[इसे भी पढ़ें : कैसे छोड़ें धूम्रपान]

 

क्या कहते हैं तमाम शोध

  • धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों में सामान्य व्यक्तियों के मुकाबले कई तरह की डिस्क की समस्याएं रहती हैं।
  • धूम्रपान के कारण रीढ़ की हड्डी कमजोर होना और मांसपेशियों में कमजोरी आना आम बात है।
  • अधिक धूम्रपान से हड्डियों में दर्द की समस्या बहुत बढ़ जाती है।
  • मीनोपोज से पहले ही धूम्रपान करने वाली महिलाओं में जोड़ों में दर्द की समस्या समय से पहले ही शुरू हो जाती है।
  • बोन कैंसर में शल्य चिकित्सा के बाद भी धूम्रपान और तंबाकू का सेवन करने वाले लोगों को बहुत सी समस्याएं आती हैं।


धूम्रपान और तंबाकू से होने वाले बोन कैंसर के कुछ तथ्य 

  • आपकी उम्र कुछ भी हो लेकिन यदि आप धूम्रपान का सेवन करते हैं तो आपको बोन कैंसर के बारे में पता होना चाहिए और अपनी हड्डियों में होने वाले दर्द को भी इग्नोंर नहीं करना चाहिए।
  • क्या आप जानते हैं पैदा होने से लेकर 30 साल की उम्र तक हड्डियों का विकास किसी ना किसी रूप में होता रहता है।
  • यदि आप कम उम्र में ही नशीले पदार्थों या धूम्रपान का सेवन करने लग जाते हैं तो आपकी हड्डियों का विकास बीच में ही रूक जाता है और हड्डियां टूटने लगती हैं।
  • बहुत अधिक धूम्रपान करने वाले महिला और पुरूषों की हड्डियों पर 40 से 50 साल की उम्र में ही प्रभाव साफ तौर पर झलकने लगते हैं। इसके साथ ही पुरूषों और महिलाओं का सेक्स हार्मोंस असंतुलित हो जाता है और कई हड्डियों से संबंधित समस्या होने लगती हैं।

 

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