धूम्रपान निषेध होने से अपिरपक्व प्रसव की संख्या घटी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 16, 2012
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सार्वजनिक तौर पर धूम्रपान बंद कर दिया गया है। जिस पर हाल ही में स्कॉटलैंड में एक सर्वे किया गया जिसमें पाया गया कि धूम्रपान के बैन होने से लगभग 10 फीसदी अपरिपक्व डिलीवरी में कमी आई है यानी धूम्रपान के कारण गर्भवती महिलाएं समय से पहले ही बच्चे‍ को जन्म दे रही थीं। यह शोध ग्लासगो विश्वविद्यालय में किया गया। जिसमें यह भी पाया गया कि गर्भवती महिलाएं जो संपूर्ण गर्भावस्था के बाद ही बच्चे को जन्म दे रही हैं, उनमें से अविकसित बच्चों की संख्या में 5 फीसदी की कमी आई हैं। रिसर्च के मुताबिक, रिसर्च में ठोस सबूत एकत्रि‍त किए गए हैं, जिनमें पाया गया है कि सार्वजनिक धूम्रपान के नियंत्रण से सभी लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।


इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने जनवरी 1996 से लेकर दिसंबर 2009 तक के दौरान स्कॉटलैंड में पैदा हुए बच्चों के आंकड़ों को शामिल किया। उन्होंने रिसर्च में यह भी पाया कि कानूनी तौर पर सार्वजनिक रूप से धूम्रपान बंद होने से जो महिलाएं गर्भवती हैं और स्मोक करती थीं, ऐसी महिलाओं की संख्या 25.4 फीसदी से 18.8 फीसदी हो गई है।


यूके में स्कॉटलैंड पहला ऐसा देश है जहां सार्वजनिक तौर पर धूम्रपान निषेध किया गया। रिसर्च में यह भी पाया गया कि कुल अपरिपक्व गर्भावस्था में धूम्रपान सार्वजनिक तौर पर बंद होने से 10 फीसदी की कमी आई है। इसके साथ ही यह बात भी रजिस्टर्ड की गई कि संपूर्ण गर्भावस्था के बाद अविकसित बच्चों में कमी आई है जो कि घटकर 5 फीसदी हो गई है। इसके साथ ही 8 फीसदी ऐसे बच्चों में भी कमी आई है जो कि संपूर्ण गर्भकाल के बाद भी कमजोर और अविकसित होते हैं।


अध्ययन के दौरान धूम्रपान करने वाली और धूम्रपान ना करने वाली दोनों तरह की माताओं को शामिल किया गया। जो महिलाएं गर्भवती थी और धूम्रपान नहीं करती थी और जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान करती थी सभी को इस शोध में शामिल किया गया। जिसमें धूम्रपान के प्रभावों पर बखूबी गौर किया गया। जिसमें पाया गया कि धूम्रपान ना करने वाली महिलाएं अधिक स्वस्थ हैं और उनका बच्चा भी पूर्ण विकसित है।



यह रिसर्च 6 मार्च को पीएलओएस मेडिसीन (journal PLoS Medicine) में ऑनलाइन प्रकाशित की गई । ग्लासगो विश्वविद्यालय के जिल पिल द्वारा इस अध्‍ययन को किया गया जिसमें स्‍कॉटलैंड में धूम्रपान मुक्‍त कानून से स्‍वास्‍थ्‍य लाभों पर फोकस किया गया। इस अध्‍ययन में इस बात को भी कहा गया कि अन्‍य देशों को भी धूम्रपान निषेध पर सख्‍त कानून बनाने चाहिए। जिससे अविकसित बच्‍चों की संख्‍या को कम किया जा सकें।

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