क्या होते हैं दाग

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 02, 2013
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Quick Bites

 

  • शीरीर पर सफेद दाग, त्वचा का एक विकार है।
  • स्केयर्स के कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट को मेकअप की सहायता से किया जा सकता है
  • प्लास्टिक सर्जरी से भी होता है दागों का निदान

'दाग' या स्कार किसी प्रकार की चोट लग जाने के बाद शरीर द्वारा खुद को ठीक करने की अंदरूनी प्रक्रिया के बाद त्वचा पर बाकी रह जाता है। यह शरीर की कुदरती हीलिंग प्रक्रिया का परिणाम होता है। इस लेख को पढ़ कर आप त्वचा पर दागों के बारे में विस्तार से जानेंगे।  



scar on girls faceजब त्वचा पर कोई गहरी चोट लगती है तो शरीर का रिज्युवेनेटिंग मैकेनिज्म (पुनर्निर्माण प्रणाली) जख्म को भरने के लिये कोलोजेन फाइबर्स का निर्माण करता है। किसी गहरे जख्म के भर जाने के बाद बचने वाला निशान स्केयर होता है। किसी गहरी चोट की ठीक होने की प्रक्रिया में महीनों लग सकते हैं। इसलिये स्केयर धीरे-धीरे हल्का पड़ता जाता है लेकिन पूरी तरह से खत्म नहीं होता। स्कार्स का बनना चोट की गंभीरता पर निर्भर करता है। एक सतही चोट से स्केयर का बनना या न बनना इस पर निर्भर है कि त्वचा खुद को कैसे ठीक कर पाती है। किसी गहरे घाव में जिसे ठीक करने के लिये अधिक कोलोजेन टिश्यूज की ज़रूरत हो उसमें ज़्यादा गहरा स्केयर बनता है जो धीरे-धीरे ठीक हो पाता है।
स्कार्स की दिखावट और अनुभूति बाकी त्वचा से अलग होती है। ये बाकी त्वचा से उभरे हुए या गहराई में या समान भी हो सकते हैं। यदि चोट गहरी हो तो रोमकूप डैमेज हो चुके होते हैं जिससे स्केयर पर रोयें(बाल) नहीं उगते। जख्म पूरी तरह से ठीक हो जाने पर स्केयर्स दर्दरहित हो जाते हैं। चेहरे पर दाग व धब्बे कई प्रकार के होते है ।जैसे- आंखों के नीचे काले गाढ़े घेरे या धब्बे होना,सफेद दाग,चेचक के दाग, मुँहासों के सफेद व काले दाग, मस्से आदि।

दागों और स्कार्स के प्रकार

 

केलॉयड स्कार्स -

ये वे स्कार हैं जो स्कार टिश्यूज के अधिक निर्माण और अधिक बढ़ोत्तरी के कारण बन जाते हैं। केलॉयड स्कार्स सामान्य स्कार्स से अलग होते हैं जो किसी जख्म आदि से बनते हैं। ऐसे मामले में ये चोट से प्रभावित हुए हिस्से के पीछे बनते हैं। ये स्कार्स आमतौर से दर्दरहित होते हैं लेकिन इनमें कभी-कभी खारिश और पीड़ा महसूस की जाती है। गंभीर मामलों में त्वचा की गतिशीलता भी प्रभावित हो सकती है।

 

हाइपरट्रॉपिक स्कार्स -

ये स्कार्स भी कोलोजेन की अधिक बढ़ोत्तरी से बनते हैं। केलॉयड स्कार्स से अलग ये जख्म के क्षेत्र में ही सिमटे रहते हैं लेकिन लाल और आसपास की त्वचा की सतह से उभरे हुए दिखते हैं। ये धीरे-धीरे ठीक होते हैं और इनकी दिखावट (एपियरेंस) में सुधार हो जाता है।

 

सफेद दाग -

शरीर पर सफेद दाग होना वास्तव में त्वचा का एक विकार है। ऐसी स्थिति में सफेद दाग को कुष्ठ रोग भी कहते है ।और डॉक्टरी भाषा में ल्यूकोडर्मा कहते है। यह कोई छूत का रोग नहीं है त्वचा में मौजूद मेलनिन तत्व नष्ट होने पर उस स्थान की त्वचा सफेद पड़ जाती है । और यह सफेद दाग महिलाओं के लिये अभिशाप बन जाते हैं  । इस दाग का संबंध शरीर की त्वचा के रंग पर निर्भर होता है । गहरे रंग की त्वचा पर दाग व धब्बे अधिक होते है । क्योंकि सांवली त्वचा में मेलनिन तत्व अधिक होते हैं । यह बात हम आपको अच्छी तरह से बता दें कि सफेद दाग होना कोई वंशानुगत या कुष्ठ रोग नहीं है । सफेद दाग को फैलने से रोकने के लिये दाग वाली त्वचा का रूप ले लेती है । और श्रृंगार द्वारा भी यह दाग अस्थाई रूप से छिपाये जा सकते है ।

चेचक के दाग -

स्त्रियों के चेहरे पर चेचक के दाग़ों का होना एक अभिशाप समझा जाता है। चेचक के दाग़ों को श्रृंगार द्वारा घटाया अथवा छिपाया जा सकता है। चेचक के दाग दो विधियों से ठीक हो सकते है । प्लास्टिक सर्जरी द्वारा अथवा स्किन पीलिंग द्वारा ।

मुंहासों के सफेद व काले दाग -

सफेद मुहांसे से भी काले मुँहासों की तरह त्वचा में चिकनाई जम जाने के कारण होते है । इन काले और सफेद मुँहासों में अंतर यह है कि जहां की त्वचा मुलायम और चिकनी होती है वहां रोम छिद्रों में चिकनाई बाहर नहीं निकल पाती इसलिये अंदर ही अंदर वह पस के रूप में बाहर की तरफ उभर आती है । जो ऊपर की तरफ से सफेद तथा नीचे से काले मुंहासों की तरह दिखाई देती है । अधिक चिकनी त्वचा के लिये यह अधिक परेशानी पैदा करती है । इन्हें समाप्त करने के लिये बाजार में उपलब्ध सौन्दर्य प्रसाधन व कुछ घरेलू नुसख़े काम में लाये जा सकते है।

चेहरे को पानी से अच्छी तरह धोकर साफ तौलिये से पोंछ लें और फिर सल्फर लोशन लगाएं । इसके बाद गर्म पानी में तौलिया भिगोकर चेहरे को भाप दें। इस उपाय को करने से त्वचा के बंद छिद्र खुल जायेंगे तथा इसके साथ-साथ आप विटामिन बी. सी की गोलियों का सेवन भी करते रहें ।

उपचार


लगाने जाने वाली दवायें जैसे कि विटामिन ई और कोकोआ बटर क्रीम जैसे सक्रिय तत्वों वाले प्रोडक्ट्स स्केरिंग को कुछ हद तक कम करने में मददगार हो सकते हैं। स्केयर्स के कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट को मेकअप की सहायता से किया जा सकता है, जिससे स्केयर्स ढंक जाते हैं और दिखते नहीं। सतही दागों के ट्रीटमेंट में कैमिकल पील्स मददगार हो सकता है क्योंकि यह स्केयर और इसके आसपास की त्वचा को समान टोन प्रदान ...

 

प्लास्टिक सर्जरी -

इस सर्जरी द्वारा आमतौर पर विदेशों में उपचार  किया जाता है । यह उपचार अत्यंत महंगा होने के कारण हमारे देश में इसका विशेष प्रचलन नहीं है । इस सर्जरी से चेहरे की त्वचा पर छोटे-छोटे अनेक आपरेशन होने के कारण रोगी को काफी तकलीफ सहनी पड़ती है । यह उपचार हमेशा किसी योग्य सर्जन से ही करवाना चाहिये ।

स्किन पीलिंग -

इस विधि द्वारा उपचार के लिये रोगी के चेहरे पर अनेक प्रकार के लेप लगाए जाते है । हर लेप के बाद त्वचा पर से एक परत उतार कर तुरंत दूसरी परत लगाएं । ऐसा 5-6 बार करें । आप देखेंगे कि हर परत के उतरनें के बाद दाग की गहराई कम होने लगती है । इस प्रक्रिया को कई बार दोहराने के बाद त्वचा बेदाग हो जाती है । लेप त्वचा के अनुसार प्रयोग करना चाहिये ।

 

 

 

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