ट्रामेटिक ब्रेन इन्जरी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 01, 2011
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ट्रामेटिक ब्रेन इन्जरी दिमाग में होने वाली वो चोट है जिसका विस्तार रूप बहुत सी परेशानियों को जन्म दे सकता है ा इसका प्रभाव उस व्यक्ति विशेष जिसे यह परेशानी होती है और उसके परिवार के लिए बहुत ही विनाशकारी होता है ा


ट्रामेटिक ब्रेन इन्जरी को एक्वायर्ड ब्रेन इन्जरी भी कहते हैं ा यह तब  होता है जब हमारे सर पर लगी चोट का असर हमारे दिमाग पर होता है और इससे दिमाग के कुछ भाग डैमेज हो जाते हैं।


इस चोट का असर तब भी हो सकता है जब कोई वस्तु हमारे दिमाग के टिश्यू तक चली जाये या हमारे दिमाग पर किसी वस्तु से तेज़ चोट लग जाये ा


ट्रामेटिक ब्रेन इन्जरी के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि हमारे दिमाग में कितनी चोट लगी है ा

 

वो व्यक्ति जो माइल्ड लक्षण दर्शाते हैं वो कुछ सेकण्ड या कुछ मिनट तक
अचेत रहते हैं ा सिर्फ इतना ही नहीं इसके कई और लक्षण भी होते हैं जैसे:

  • आकस्मिक बहुत तेज़ सरदर्द होना ा
  • साफ ना देख पाना और आखों का थका थका सा होना ा
  • खाने का स्वाद खराब लगना ा
  • थकान होना , अकसर मूड खराब होना ा
  • नींद की आदतों मे बदलाव ा
  • याद्दाश्त का कमज़ोर होना और काम में मन ना लगना ा

वो लोग जो माडरेट या सीवियर ट्रामेटिक ब्रेन इन्जरी के लक्षण दर्शाते हैं उनमें इस प्रकार की सारी स्थितियां पायी जाती हैं और इनके अलावा उन्हें अत्यधिक सरदर्द होता है और यह दर्द दिन पर दिन बढ़ता जाता है और आसानी से कम नहीं होता ा इसके अलावा जो दूसरे लक्षण हैं वो हैं उल्टियां आना ,सोने के बाद उठने में परेशानी होना ,कमज़ोरी होना ,आराम ना कर पाना ,आवाज़ का भारी होना ा 
बचाव का तरीका:

 

वो लोग जो माडरेट से सीवियर ट्रामेटिक ब्रेन इन्जरी के लक्षण दर्शाते हैं उन्हें हमेशा चिकित्सक की देखभाल की     ज़रूरत होती है ा ब्रेन डैमेज के बुरे प्रभावों से बचने के लिए चिकित्सक सिर्फ व्यक्ति की स्थिति को सामान्य रखने की कोशिश करता है और दिमाग को भविष्य में किसी मामूली चोट   से भी बचाने की सलाह देता है ा

 

किसी भी मरीज़ की प्राथमिक चिंता यह होनी चाहिए कि उसके दिमाग में और पूरे शरीर में आक्सीजन की सप्लाई ठीक हो जिससे उसका ब्लड प्रेशर और ब्लड फ्लो नार्मल रहे ा

 

आज इमेजिंग टेस्ट की मदद से मरीज़ की डायगनासिस या प्रागनासिस भी की जाती है ा

 

वो मरीज़ जिनमें माइल्ड से माडरेट इन्जरी के लक्षण पाये जाते हैं वो एक्स रेज़ की मदद से रीढ़ की हड्डी की स्थिरता नाप सकते हैं ा
माडरेट से सीवियर ट्रामेटिक ब्रेन इन्जरी की स्थितियों मे कम्प्यूटर टोमोगा्रफी सी टी स्कैन या एम आर आई स्कैन जैसे इमेजिंग टेस्ट किये जाते हैं ा

 

कभी कभी ऐसे मरीज़ों को पुनर्वासन का भी सहारा लेना पड़ता है जिसमें कई प्रकार की व्यावसायिक चिकित्सा भी की जाती है जैसे स्पीच थेरेपी, साइकालाजी ,साइकैट्री और सामाजिक सहायता ा

 

 

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