चिकनगुनिया के कारण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 03, 2013
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चिकनगुनिया वायरस के जरिये फैलने वाली एक बीमारी है। जो एडिस मच्‍छर में रहता है। इस मच्‍छर को आम बोलचाल की भाषा में पीले ज्‍वर का मच्‍छर भी कहा जाता है। क्‍योंकि आमतौर पर पीला ज्‍वर उष्‍ण कटिबंधों में पाया जाता है, इसलिए चिकनगुनिया के अधिकतर मामले भी उष्‍णकटिबंधीय एशियाई देशों में ही देखे जाते हैं।

कैसे फैलता है चिकनगुनियाइस बीमारी के साथ चिकन शब्‍द जुड़ा होने से कई बार लोग इसके अर्थ और लक्षणों को लेकर संशय में भी रहते हैं। वे इसे चिकन (मुर्गी) से भी जोड़कर देखने लग जाते हैं। जबकि ऐसा बिलकुल नहीं है।

कैसे फैलता है चिकनगुनिया


चिकनगुनिया के वायरस को बुगी क्रीक वायरस भी कहा जाता है। यह संक्रमित एडिस मच्‍छर के काटने से होता है। मच्‍छर में मौजूद एल्‍फा वायरस इस बुखार के फैलने की सबसे बड़ी वजह होता है। अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है, जो यह बात प्रामाणित करे कि यह बीमारी एक व्‍यक्ति से दूसरे व्‍यक्ति को फैलती हो। यानी यह एक संक्रामक रोग नहीं है।

अफ्रीका और एशिया में चिकनगुनिया फैलाने वाला यह मच्‍छर काफी खतरनाक होता है। यह मच्‍छर डेंगू और पीला ज्‍वर फैलाने में भी यही मच्‍छर उत्तरदायी होता है। इसलिए दुनिया का बड़ा हिस्‍सा चिकनगुनिया वायरस से प्रभावित हो सकता है।

चिकनगुनिया वायरस पर अनुवांशिक अनुसंधान करने वाले वैज्ञानिकों ने इस वायरस के दो रूपों के बारे में पता लगाया है।

उष्‍ट कटिबंधीय इलाकों में अधिक खतरा


चिकनगु‍निया के वायरस को सीएचआईकेवी नाम दिया गया है। यह वायरस संक्रमित मच्‍छर के काटने से फैलता है। मच्‍छर पहले एक को काटता है और उसके बाद स्‍वस्‍थ व्‍यक्ति को। इस तरह स्‍वस्‍थ व्‍यक्ति भी इस बीमारी से ग्रस्‍त हो जाता है। मुख्‍य रूप से मच्‍छर वायरस के लिए एक वाहक का काम करता है। यह मच्‍छर आमतौर पर घरों और उसके आसपास के इलाकों में ही पनपता है और आमतौर पर मच्‍छर दिन के वक्‍त ही काटता है।

घरों और आसपास, ऑफिस और स्‍कूलों और उसके आसपास के इलाकों में जमा पानी में यह मच्‍छर पनपता है। इस मच्‍छर की खास बात यह है कि यह साफ पानी में पनपता है।

चिकनगुनिया से बचने के रास्‍ते

  • घरों या अपने आसपास के इलाकों में पानी जमा न होने दें।
  • घर और आसपास के इलाके में मच्छर भगाने वाले स्प्रे, फॉगिंग, इन्सेक्टिसाइस वगैरह मच्‍छर मारने वाली दवाओं का इस्‍तेमाल करें।
  • घरों में कूलर को सप्‍ताह में एक बार जरूर साफ करें। अगर ऐसा करना संभव न हो, तो आप उसमें सप्‍ताह में एक बार एक बड़ा चम्‍मच पेट्रोल का डाल सकते हैं।
  • पूरी बाजू की शर्ट पहनें।
  • छत पर रखे बेकार के टायर, गमलों और अन्‍य जगहों पर पानी जमा न होने दें।

 

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