गोद लेने से सम्बंधित कानून

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 01, 2013
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किसी बच्चे को गोद लेना इतना आसान भी नहीं है। जब आप किसी बच्चे को गोद लेते हैं निम्नलिखित बातों को ध्या न में रखा जाता है

  • आपके परिवार, दोस्तों और सहकर्मी में से ऐसे कौन-कौन से लोग हैं जिन्हें गोद लिए जाने की बात बताई जानी चाहिए और सबसे ज़रूरी बात की उन्हें कब ये बात बतानी चाहिए।
  • अगर आपकी अपनी संतान है तो फिर अपने परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों को दूसरा बच्चा गोद लेने का क्या कारण बतलाएँगे?

यह ध्यान रखना ज़रूरी है की आपको अपने निजी मामलों की बात किसे किस हद तक बतलानी चाहिए। अगर आप किसी से यह बात कहने में सहज महसूस नहीं कर रहें हों तो उसे ये बात बतानी ज़रूरी नहीं है।

 

बच्चा गोद लेने से पहले आप चाहें तो अपने शुभचिंतकों या दोस्तों को इस बारे में बता सकते हैं। इस  तरह बच्चे के  लिए आवेदन करने के बाद आपके पास अपने शुभचिंतकों का सहयोग हासिल करने के लिए पर्याप्त समय मिल जायेगा। बच्चा गोद लेने की योजना के बारे में आप उस वक़्त भी बता सकते हैं जिस वक़्त आप बच्चा ढूँढना चाहते हैं या फिर उस वक़्त बताएं जब बच्चा पाने की सारी प्रक्रिया पूरी हो जाए और आपको बच्चा मिल चुका हो। वही करें जो करना आपको उचित लगता हो या जो करने का आपका दिल कहता हो। किसी के कहने पर न जाएँ या किसी के दवाब में आकर कोई कदम न उठाएं।

 

हाँ! कुछ लोगों को गोद लेने की बात जरूर बतानी चाहिए जैसे कि बाल रोग विशेषज्ञ, आपके फॅमिली डॉक्टर या बच्चों के टीचर । अगर बच्चे के डॉक्टर को गोद लेने कि बात मालूम रहेगी तो बच्चे के बीमार पड़ने पर या कोई भी छोटी मोटी तकलीफ होने पर डॉक्टर इस बात को ध्यान में रखते हुए उसका इलाज कर सकता है कि  जिनके साथ वह रह रहा है वे उसके दतक माता पिता हैं जबकि उस बच्चे के असली माता पिता कोई और हैं। अगर बच्चे के टीचर  को उसके गोद लेने वाली बात मालूम रहेगी तो वह उसकी मानसिकता को  पहचान कर पढाई में उसी अनुसार उसकी मदद  कर सकता है।

 

 

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