कैनाइन बोन कैंसर की चिकित्सा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 02, 2012
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बोन कैंसर के कुछ ऐसे प्रकार हैं जैसे ऑस्टियो सार्कोंमा। यदि ये एक पैर में हो जाएं तो धीरे-धीरे बढ़कर यह दूसरे पैर तक भी पहुंच सकता है। जिसे एक्स-रे के जरिए पता नहीं किया जा सकता। यहां तक की यदि प्राथमिक ट्यूमर को निकाल भी दिया जाता है तो सेकेंडरी ट्यूमर खुद-ब-खुद पनपने लगता है। जिससे जटिलताएं और बढ़ सकती हैं। कुत्तों में बोन कैंसर के इलाज के लिए कैंसर की गंभीर स्थिति और प्रकार के हिसाब से चिकित्सा की जाती है। लेकिन सवाल ये उठता है कि कैनाइन बोन कैंसर की चिकित्सा कैसे होती है। कैनाइन (कुत्ते) में बोन कैंसर के उपचार के लिए कौन-कौन सी पद्वतियां अपनाई जाती हैं। तो आइए जानें कैनाइन बोन कैंसर चिकित्सा के बारे में कुछ और बातें।



दर्द से राहत



आमतौर पर देखा जाता है कि कुत्तों के मालिक उन्हें असहज नहीं देख सकते। ऐसे में कैनाइन बोन कैंसर चिकित्सा के दौरान रेडियोथेरपी बहुत किफायती होती है। रेडियोथेरेपी से समस्या को लंबे समय तक रोका जा सकता है, जैसे 6 या 9 महीने तक। इसके बाद दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। यानी रेडियोथेरपी के रूप में ड्रग्स लेना सेकेंडरी बोन कैंसर के लिए एकमात्र विकल्प है। यदि पहले इसी विधि को अपनाया जाए तो कैनाइन को लंबे समय तक दर्द से निजात दी जा सकती है।



कैंसर को बढ़ने से रोका जाए

कुत्तों को बोन कैंसर के दर्द से राहत देने के बाद बोन कैंसर की उपचार विधि में माध्यमिक कैंसर की कोशिकाओं की वृद्धि दर को नियंत्रित करना शामिल है। इसके लिए प्रभावित अंग को काटा जा सकता है। यदि ऐसा किया जाता है तो कुत्तों का जीवनकाल बढ़ सकता हैं। यदि कैनाइन के प्रभावित हिस्‍सों का ईलाज नहीं किया जाता तो आपका पैट अधिक से अधिक 6 महीने तक जीवित रह सकेगा।



रोग के लक्षणों को कम करने वाला रेडिएशन (Palliative radiation)



ये उपचार उन्हीं कुत्तों पर किया जा सकता है जिनकी सर्जरी नहीं की जा सकता है यानी जिन कैनाइन को शरीर के अंगों से अलग कर बोन कैंसर को दूर नहीं किया जाता उनके लिए यह विधि अपनाई जाती है। इस उपचार के दौरान सूजन कम करने के लिए हीलिंग माइक्रो-फ्रैक्शन पद्वति अपनाई जाती है। (It is a method of healing micro-fractions in order to decrease inflammation)



लिंब स्पेयर (Limb spare)



इस पद्वति के द्वारा कैनाइन के अंग विच्छेदन को रोकने का प्रयास किया जाता है। साथ ही यह भी जानने की कोशिश की जाती है कि इससे आपके पेट का जीवनकाल कितना बढ़ सकता है। लिंग स्पेयरिंग के लिए कीमोथेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है। शोधों के अनुसार, कैनाइन के जीने की संभावना बढ़ जाती है जब उनका अंग विच्छेदन कर दिया जाए या फिर कीमोथेरपी दी जाए। लिंग स्पेयर के जरिए कैंसर को जड़ से खत्म करने की कोशिश की जाती है, खासकर उस हिस्सें में जो कि कैंसर के कारण प्रभावित हुआ है। जिससे शरीर के अन्य भागों में बोन कैंसर ना फैल सकें।

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