कीमोथेरेपी से चिकित्सा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 22, 2013
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कीमोथेरेपी चिकित्सा के जरिए शरीर में स्थित कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट करने या कमजोर करने का प्रयास किया जाता है। इसमें रक्तप्रवाह के जरिए दवाओं को शरीर के प्रत्येक भाग तक पहुंचाया जाता है। कीमोथेरेपी के अंतर्गत एक या एक से अधिक मानकीकृत साइटोटोक्सिक  दवाओं को कैंसर पीड़ित व्यक्ति के शरीर में पहुंचाया जाता है। कैंसर पीड़ित  व्यक्ति की चिकित्सा अकेले  कीमोथेरेपी अथवा सर्जरी या  रेडियोथेरेपी के साथ की जा सकती है। इस उपचार में एक या कई दवाओं के एक संयोजन का प्रयोग हो सकता है।

कीमोथेरेपी में दवाओं को अनेक तरीकों से शरीर में पहुंचाया जा सकता है। इसे देने की सबसे आम विधियां है-डिप की सहायता,एक गोली या द्रव के रूप में मुंह द्वारा अथवा एक छोटे से पंप के जरिए जिसे डिकमैन लाइन कहते हैं।

कीमोथेरेपी कैंसर की सभी कोशिकाओं को नष्ट करते हुए कैंसर से मुक्ति दिलाता है । सर्जरी या रेडियोथरेपी से पहले कैंसर के प्रभाव को कम करना और कैंसर के वापस लौटने की गुंजाइश को कम करने के लिए कैंसर की ऐसी सभी कोशिकाओं को नष्ट करना जो शरीर में मौजूद तो होती हैं, पर इतनी छोटी होती है कि उनका पता लगाना मुश्किल होता है।

अध्ययनों से यह बात पूर्ण रूप से स्पष्ट हुई है कि कीमोथेरेपी से कैंसर रोगियों की जीने की संभावना और जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है। कीमोथेरेपी का कोई एक सत्र दवाओं के दिए जाने के मार्ग के आधार पर कुछ मिनटों से लेकर  कुछ घंटों तक विस्तारित हो सकता है। दवाइयों की संख्या,ब्लड सर्कुलेशन सिस्टम तक इन दवाइयों को पहुंचाने की विधि,लगने वाला समय आदि कैंसर की आकृति और प्रकार पर निर्भर करते है।

इस चिकित्सा पद्धति के व्यापक दुष्प्रभाव भी हैं। कीमोथेरेपी के अंतर्गत दी जाने वाली दवाएं कैंसर कोशिकाओं के विभाजन के साथ सामान्य कोशिकाओं के विभाजन को भी प्रभावित करती हैं,जिससे पूरे शरीर की कार्यप्रणाली पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। कुछ दुष्प्रभावों से मुक्ति मिल जाती है जबकि कुछ अन्य लंबे समय तक कैंसर रोगी को प्रभावित करते रहते हैं।

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