कीमोथेरेपी का पूर्वानुमान

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 22, 2013
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chemotherapy ka purvanumanचिकित्सक अलग–अलग प्रकार की जांच से यह पता लगाने की कोशिश करते हैं, कि कीमोथेरेपी किस तरीके से काम कर रहा है । ऐसी जांच है शारीरिक परीक्षण, मैगनेटिक रेज़ोनैंस इमेजिंग (एम आर आई), कम्यूटेड टोमोग्राफी(सी टी)स्कैन, एक्स–रे और रक्त जांच । क्योंकि कीमोथेरेपी रेड ब्लड सेल्स, व्हा‍इट ब्लड सेल और प्लेटलेट्स के बनने को प्रभावित करता है ।

 

चिकित्सक दवाओं की जांच कर रक्त की मात्रा का भी पता लगाते हैं जिनसे कि बोन मैरो में रक्त की सही मात्रा बनने पाये । रक्त जांच से यह भी पता लगाने की कोशिश की जाती है कि जिगर और गुर्दों को कीमोथेरेपी से किसी प्रकार की क्षति ना हुई हो ।

 

कीमोथेरेपी कैंसर उपचार का ही एक प्रकार है जिसका प्रयोग कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए किया जाता है। कीमोथेरेपी कैंसर की कोशिकाओं को विकास को धीमा करके उन्हें फैलने से रोकता है। कीमोथेरेपी एक तरफ  जहां कैंसर कोशिकाओं को फैलने से रोकता है वहीं यह अन्य स्वस्थ कोशिकाओं को भी नुकासन पहुंचा सकता है। इस कारण मरीजों के बाल गिरना, उलटी आना और कुछ अन्य परेशानियां सामान्य मानी जाती हैं।

 

 

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