क्‍या होती है एक्सट्रीम ड्रग रेजिस्टेंस टी.बी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 21, 2012
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टीबी की दवाएं बीच में ही छोड़ देने पर रोग और घातक हो जाता है। ऐसे में जीवाणु अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत कर लेते हैं। इस अवस्‍था पर कुछ दवाएं टीबी के जीवाणुओं पर असर करना बंद कर देती हैं।

 

क्षय रोग की पहली अवस्था में इलाज पूरा नहीं कराने पर या दवाएं लेना बीच में छोड़ देने पर एम डीआर-टीबी (मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंस) हो जाता है। इस अवस्था में कुछ दवाएं क्षय रोग के जीवाणु से लड़ने में सक्षम नहीं रह जाती। मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंस टीबी की अवस्था में ईलाज बीच में छोड़ने वाले रोगियों में कुछ दवाएं फायदा नहीं करती है। इस अवस्था को एक्स डीआर-टीबी (एक्सट्रीम ड्रग रेजिस्टेंस) कहते हैं। इस अवस्था में दवाएं नहीं खाने से ही टीडीआर-टीबी(टोटल ड्रग रेजिस्टेंस) हो जाता है। एक्सट्रीम ड्रग रेजिस्टेंस टी.बी पूरी दुनिया में फैली हुई है लेकिन सोवियत संघ व एशियाई देशों में इसके ज्यादातर मामले देखने को मिलते हैं।

 

[इसे भी पढ़ें- क्षय रोग के प्रकार]

 

बचाव

एक्सट्रीम ड्रग रेजिस्टेंस टीबी से बचाव के लिए जरुरी है इसे फैलने से रोकना। विश्व स्वास्थ  संगठन का कहना है कि लोगों को एक्स डी आर टी.बी से बचाव के लिए टी.बी की प्रथम अवस्था में ठीक से पूरा इलाज कराना चाहिए। ईलाज को बीच में छोड़ना नहीं चाहिए। एक्स डी आर टी.बी के बढ़ते मामले देखते हुए इनके जांच के लिए नई प्रयोगशालाएं खोली गई हैं। जब रोगी में ड्रग रेजीस्टेंस हो तो उसे तुरंत ही उचित उपचार लेना चाहिए। ईलाज में देरी करने से यह जानलेवा हो सकता है।  एचआईवी और टी.बी की देखभाल का सहयोग भी तपेदिक के प्रसार को सीमित करने में मदद करेंगे।

 

[इसे भी पढ़ें- क्षय रोग और एचआईवी में संबंध]

 

एक्सट्रीम ड्रग रेजिस्टेंस से बचाव

  • एक्सट्रीम ड्रग रेजिस्टेंस अवस्था सार्वजनिक स्वास्थ के लिए गंभीर खतरा है। खासकर उन जगहों पर जहां एचआईवी के ज्यादा मामला देखने को मिलते हैं साथ ही जहां पर ईलाज के संसाधन काफी कम है। विश्व स्वास्थ संगठन की तरफ से जारी दिशा निर्देशों से एक्सट्रीम ड्रग रेजिस्टेंस अवस्था से बचा जा सकता है।
  • टी.बी की प्रारंभिक अवस्था में सही और पूरा इलाज ड्रग रेजिस्टेंस अवस्था में पहुंचने से बचाता है।
  • ड्रग रेजिस्टेंस मामले की तुरंत जांच व उसका इलाज इससे छुटकारा दिलाता है और भविष्य में इसके खतरे से बचाता है।
  • टी.बी और एचआईवी के साथ-साथ होने के बढ़ते मामलों को कम करने की कोशिश हो व इससे जूझ रहे मरीजों को सही देखभाल व इलाज जरूरी है।

 

ध्यान दें

  • ड्रग रेजिस्टेंस टीबी के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है टी.बी की  प्रारभिंक अवस्था में सही ढंग से इलाज व देखभाल नहीं हो पाना।
  • इसके ज्यादातर मामले जेल की आबादी में देखने को मिलते हैं, क्योंकि वहां पर रोगियों की देखभाल के उचित इंतजाम नहीं होते हैं।

 

 

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