हृदय स्वास्थ्य के विषय में संपूर्ण जानकारी इकट्ठी कर आप ना केवल स्वयं को हृदय की बीमारियों से बचा सकते हैं बल्कि अपने परिवार की सुरक्षा भी कर सकते हैं। हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण भाग है हमारा हृदय और इसलिए हृदय की देखभाल भी बहुत आवश्यसक हो जाती है।
आप चाहे किसी भी नौकरी पेशे में हो स्वास्थ्य के विषय में जानकारी होना आपका प्रथम कर्तव्य होना चाहिए। शायद आप नहीं जानते कि आपका संपूर्ण स्वास्थ्य आपके हृदय स्वास्थ्य पर ही निर्भर करता है और यहां तक कि हमारा जीवनचक्र भी सिर्फ तभी तक चलता है, जबतक कि हमारा हृदय गति करता है। हृदय स्वास्थ्य के विषय में ध्यान देने योग्य एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि आपके रक्तचाप का स्तर ठीक होना चहिए। अगर आपको उच्च रक्तचाप जैसी कोई समस्या है तो आपमें हृदय से संबंधी समस्याएं होने की सम्भावना बढ़ जाती है।
स्वस्थ हृदय के लिए कुछ आवश्यक बातों पर ध्यान ज़रूर दें :
चेक अप में देरी क्यों:
मेदांता मेडीसिटी के कार्डियोलाजिस्ट डाक्टर रजनीश कपूर के अनुसार अच्छे स्वास्थ्य के लिए रेगुलर चेक अप बहुत ही आवश्यक है। समय-समय पर ईसीजी और चेक अप कराने से किसी भी प्रकार की ब्लाकेज का पता लग जाता है । डाक्टर कपूर के अनुसार हमारी आज की निष्क्रीकय जीवनशैली के कारण पुरूषों में 45 वर्ष की उम्र के बाद और महिलाओं को 55 की उम्र के बाद दिल का दौरा पड़ने की सम्भावना बढ़ जाती है। अगर आपका रक्तचाप नियंत्रित नहीं रहता तो आपको समय-समय पर चेक अप करते रहना चाहिए।
नमक लें कम:
डाक्टर कपूर के अनुसार ब्लड प्रेशर के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है, अधिक मात्रा में नमक का सेवन, जिससे कि हृदय की समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है। अगर आप समय रहते अपने खान-पान पर ध्यान देंगे तो आगे जाकर आपको किसी प्रकार की समस्या नहीं आयेगी।
कालेस्ट्राल के स्तर पर नियंत्रण
ऐसे आहार लें जिनसे शरीर में कालेस्ट्राल का स्तर नियंत्रित रहे क्योंकि कालेस्ट्राल का स्तर हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। सेब और संतरे जैसे फल, प्याज़, ब्रोकोली जैसी सब्जि़यों और मछली का सेवन करें।
आफिस में क्या करें:
मौलाना आज़ाद मेडीकल कालेज के प्रोफेसर डाक्टर डी के तनेजा के अनुसार प्रतिदिन व्यायाम करना हृदय सवास्थ्य के लिए अच्छा होता है। आफिस में लिफ्ट का प्रयोग करने के बजाय सीढि़यों का प्रयोग करें।
थोड़ा कम करें गुस्सा
हृदय के मरीज़ों के लिए गुस्सा जानलेवा हो सकता है। तनाव दूर करने का हर संभव प्रयास करें, आप मेडीटेशन और योगा का भी सहारा ले सकते हैं। डाक्टर तनेजा के अनुसार गुस्सा करने से ब्लड प्रेशर और तनाव बढ़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि हृदयघात के 90 प्रतिशत केस तनाव के कारण होते हैं।
मादक पदार्थों को क्यों कहें ना
डाक्टर तनेजा का मानना है कि बहुत अधिक मात्रा में मादक पदार्थों के सेवन से ब्ल्ड प्रेशर बढ़ जाता है, जिससे आगे जाकर वज़न बढ़ता है और दिल का दौरा पड़ने की संभावना भी बढ़ जाती है । अपने स्वास्थ्य और रहन-सहन पर थोड़ा ध्यान देकर आप हृदय सम्बन्धी समस्याओं से बच सकते हैं।
अगर आप अपने शरीर के प्रकार के बारे में नहीं जानते हैं तो डाक्टर कपूर के अनुसार अपने शरीर के लक्षणों को जानने की कोशिश करें :
अपने शरीर पर थोड़ा ध्यान देकर आप कई समस्याओं से बच सकते हैं।

