आई फलू के लक्षण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 06, 2010
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आई फलू के लक्षण मौसम में आए परिवर्तन के बाद बीमारियों ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। शहर में आई फ्लू ने पैर जमाने शुरू कर दिए हैं। संक्रमित रोग होने के कारण मरीजों की संख्या में और इजाफा होने का अंदेशा है।

बारिश, उमस और गर्मी के कारण मौसम करवट ले रहा है। मौसम का यही बदलाव बीमारियों को न्यौता दे रहा है। इन दिनों लोगों को आई फ्लू ने अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। सामान्य अस्पताल हो या निजी चिकित्सा केंद्र, हर जगह आई फ्लू के मरीज नजर आने लगे हैं। पीजीआई के हालात भी बिगड़ गए हैं। पिछले एक सप्ताह में यहां मरीजों की संख्या दोगुना तक बढ़ गई है।

बताया जाता है कि पहले यहां पर रूटीन में 100 से 150 तक मरीज आते थे, लेकिन अब यहां की ओपीडी २00 के पार पहुंच गई है। सामान्य अस्पताल की ओपीडी में भी अब 100 से अधिक मरीज आ रहे हैं। श्री बाबा मस्तनाथ आई अस्पताल में भी रोजाना करीब 100 रोगियों की जांच की जा रही है। हालांकि यह बीमारी कामन है, लेकिन लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते। देरी होने पर नतीजे भुगतने पड़ते हैं। लिहाजा लोगों को बदलते मौसम में एहतियात बरतनी शुरू कर देनी चाहिए।

आई फ्लू होने पर यह करें उपाय

पीजीआई के आई विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डा. चांद सिंह ढुल का कहना है कि आई फ्लू होने पर आंखों में नियमित रूप से दवा डालनी चाहिए। दिन में आठ-दस बार आंखों को शुद्ध एवं शीतल जल से धोना चाहिए। आंखों को साफ कपड़े से साफ करना चाहिए। बाहर निकलने से पहले आंखों पर चश्मा लगाएं। मरीज को पूरा आराम करना चाहिए और टीवी देखने से बचना चाहिए।

ये हैं लक्षण

आंखों में खुजली होना। बार-बार पानी आना। आंखें लाल होकर सूजन आ जाना। आई फ्लू के लक्षण माने जाते हैं। इनमें से किसी भी एक लक्षण के उत्पन्न होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

ग्रामीण बरत रहे लापरवाही

डाक्टरों के अनुसार ग्रामीण आंखों के प्रति ज्यादा लापरवाही बरतते हैं। मसलन सुबह उठकर आंखें न धोना, खेतों में काम करते समय ध्यान न रखना प्रमुख वजह है।

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